बुधवार, 21 अप्रैल 2010

ललित मोदी को भी जाना होगा

यदि यह बात सच है कि दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वालों के लिए भी खुद-बखुद गड्ढा खुद जाता है तो यह मान लें कि आई पी एल कमिश्नर ललित मोदी के दिन गिने -चुने रह गए हैं और वैसे भी पानी में रह कर मगरमच्छ से बैर। थरूर का गुरुर टूटा है तो जनाब ललित मोदी का भी टूटेगा। लेकिन वे याद रखे जायेंगे क्रिकेट को महंगा से महंगा बनाने के लिए।

दुनिया, राजनीति और फैसले

 सप्ताहनामा  ------------- सबसे पहले सबको गेगेरियन कैलेंडर के वर्ष 2023 की शुभकामनाएं। हर साल की तरह इस साल भी संकल्प ले रहा हूं गुडी गुडी (...