सप्ताहनामा
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सबसे पहले सबको गेगेरियन कैलेंडर के वर्ष 2023 की शुभकामनाएं। हर साल की तरह इस साल भी संकल्प ले रहा हूं गुडी गुडी (अच्छा अच्छा) करने का। यह जानते हुए भी कि यह संकल्प शायद ही पूरा हो पाए। मेरी राशि मेष बताई गई थी बचपन में। कुंडली बनी नहीं। जो शुरूआती पत्रिका बनी, वह भी गायब हो गई किस्मत की तरह। इसलिए सही समय नहीं पता। इसका अफसोस रहेगा।
चलिए आज शुरुआत में ही खटराग नहीं गाऊंगा। एक संकल्प लिया है कि सप्ताहनामा लिखा करूंगा आमतौर पर शनिवार को। तो आज इस सप्ताह के खास खास घटनाक्रम की चर्चा है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रादेशिक तथा स्थानीय । उनके इम्पैक्ट का अपनी समझ के अनुसार विश्लेषण भी करूंगा। विश्व परिदृश्य की बात करूं तो इस सप्ताह रूसी राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन की वह घोषणा में सबसे अहम मानता हूं जिसमें उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध को रोक देने की अपने तरफ से एकतरफा घोषणा की है। यूक्रेन के शासन प्रमुख जेलेंस्की की तरफ से कोई प्रत्युत्तर इन पंक्तियों के लिखने तक नहीं आया है, इसलिए संशय है फिर भी मेरा मानना है कि युद्ध खींचने की स्थिति में कोई नहीं है। कुछ हिस्सा रूस के कब्जे में जरूर है। वह कब तक रहेगा, कोई नहीं जानता। भारत के पड़ोसी देशों की बात करूं तो नेपाल से भी चुनौती मिलेगी इस साल। वहां चीनी शासकों के मंशानुरूप वामपंथियों ने सरकार जो बना ली है। चीन से अदावत है ही। पाकिस्तान में कुछ बचा नहीं है। आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुका यह देश भी खतरा बना रहेगा।
राष्ट्रीय परिदृश्य की बात की जाए तो कांग्रेस नेता व वायनाड से सांसद राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा यूपी से भी गुजरी चुकी है। कई चेहरे इस यात्रा में राहुल के साथ दिखे। गजियाबाद के लोनी में पड़ाव के समय मंच पर बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को उनका प्यार भरा किस सुर्खी बना। टी-शर्ट पुराण पीछे छूट गया। आज इन पंक्तियों के लिखते समय कहा जा रहा है कि हाफ टी-शर्ट के अंदर भी कुछ पहन रखा है राहुल बाबा ने। रा के पूर्व प्रमुख दुल्लत की कदमताल भी कांग्रेसियों को भायी तो अभिनेत्री कमया पंजाबन व नीतू शिवपुरी की भी। लोकतंत्र में सभी को अपनी प्रतिबृद्धता के अनुरूप दल चुनने का हक है। इसलिए कुछ लोगों को यह सब पसंद आया तो कुछ को नापसंद । मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है। बस एक बात थोड़ा खटकी है वह है जनेऊधारी बालक के साथ पदयात्रा। बालक को जनेऊ पहिनाने वाले ने गलती कर दी। बांयी तरफ से पहना दिया। हमारेे अवध में ऐसा तब किया जाता है जब घर में कोई स्वर्गवासी हो गया हो और उसकी आत्मा की संतुष्टि की निमित्त कर्मकांड किए जाने हों। राहुल बाबा के सलाहकार ऐसी ही गल्तियों के लिए जाने जाते हैं। कामरेड ही हैं न। कांग्रेसी तो हैं नहीं मूल रूप से।
सुप्रीम कोर्ट के दो फैसले इस सप्ताह चर्चा में रहे। पहला फैसला उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर था दूसरा उत्तराखंड के हल्दवानी में रेलवे की कथित जमीन पर अर्से से काबिज लोगों को हटाए जाने संबंधी उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे का। योगी आदित्यनाथ की सरकार के लिए राहत वाली बात है और पुष्कर सिंह धामी के लिए मुश्किल भरी। उन्हें आगे भी चुनौतियां झेलनी पड़ेंगी। पंजाब गर्मा रहा है धीरे-धीरे। आम आदमी पार्टी की सरकार ला-एंड आर्डर के मोर्चे पर विफल दिख रही है। आखिर थानों में बंकर बनाए जाने की नौबत को तो हम इसी रूप में ही देख सकते हैं न।
प्रदेश में ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट को सक्सेस बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। कितनी राशि का निवेश होगा, अभी कोई भी यह बताने की स्थिति में नहीं है। मेरे एक साथी बता रहे हैं कि अकेले प्रयागराज के आसपास 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आएगा। फरवरी के आखिरी महीने में ही स्थिति (सरकारी दावे के अनुसार) साफ हो पाएगी।
संगमनगरी मेंं धर्म-अध्यात्म का सबसे बड़ा समागम माघ मेले के रूप में शुरू हो गया है। आमतौर पर यह मकर संक्रांति से शुरू होता है, लेकिन इस बार पौष पूर्णिमा पहले ही आ गई मकर संक्रांति से। पांच से छह डिग्री सेल्सियस तापमान में पावन त्रिवेणी में डुबकी लगाना आसान नहीं रहता, लेकिन आस्था की ऊर्जा तन को झंकृत कर देती है श्री हरि की तान में बजने के लिए।
गंगा मैया की जय ....।
